बालोद परशु राम चौक में भगवान परशुराम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया। इस दौरान पूजा अर्चना प्रसाद वितरित किया। रविवार को अक्षय तृतीया के अवसर पर भगवान परशुराम के जन्मोत्सव के अवसर पर ब्राह्मण समाज के लोगों ने पूजन किया। इस दौरान ब्राह्मण समाज के लोग मंदिरों में पहुंचे और भगवान परशुराम की प्रतिमा पर तिलक कर पुष्प चढ़ाए तथा पूजा अर्चना की। हवन यज्ञ का आयोजन कर प्रसाद वितरित किया।इस कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज के जिलाअध्यक्ष अटल दुबे , सचिव संतोष दुबे, शेषनारायण दुबे, विशाल शुक्ला, प्रमोद शर्मा देवेंद्र शुक्ला बृजेश पांडे कृष्णा दुबे आदित्य दुबे धीरज उपाध्याय बंटी विनोद शर्मा वैभव शर्मा अनुराग दुबे, हरीश दुबे, सौरभ बिट्टू दुबे उपस्थित थे ।

अटल दुबे ने अपने वक्तव्य में कहा कि भगवान परशुराम राजा प्रेसनजीत की पुत्री रेणुका और भृगुवंशी जमदग्नि के पुत्र थे वे विष्णु के अवतार और शिव के परम भक्त थे उन्हें शिव से विशेष परशु प्राप्त हुआ था इनका नाम तो राम था। किंतु शंकर के द्वारा प्रदत्त आमोद परशु को सदैव धारण किए रहते थे इस कारण इनका नाम भगवान परशुराम कहलाते थे।
अंत में ब्राह्मण समाज के जिला अध्यक्ष अटल दुबे ने समस्त जिले वासियों को भगवान परशुराम जन्मोत्सव की शुभकामनाएं प्रेषित की।



