
बालोद।महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। लोकसभा में ‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026’ के गिरने के बाद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं और दोनों दल देशभर में आक्रामक अभियान चला रहे हैं। बीजेपी के “हल्ला बोल” अभियान के जवाब में कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है। पार्टी अब इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा जनआंदोलन बनाने की तैयारी में है।कांग्रेस ने रणनीति के तहत प्रदेश के जिलों में बड़े पैमाने पर प्रेस वार्ताएं शुरू कर दी हैं। पार्टी नेताओं का आरोप है कि बीजेपी महिला आरक्षण के मुद्दे पर झूठा नैरेटिव गढ़कर जनता को गुमराह कर रही है।
कांग्रेस महिला आरक्षण के समर्थन में थी,है और रहेगा
सिहावा के विधायक अंबिका मरकाम ने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण के समर्थन में थी,है और रहेगा।प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक झूठ बोल रहे हैं।भाजपा द्वारा लगातार भ्रम फैलाया जा रहा है कि कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया,इसलिए संसद में बिल पास नहीं हो सका।भाजपा झूठ बोल रही है,जबकि महिला आरक्षण बिल(नारीशक्ति वंदन अधिनियम2023)128 वां संविधान संशोधन विधेयक 2023 में संसद के दोनों सदनों में पारित हो चुका है तथा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस पर हस्ताक्षर कर चुकी है और यह कानून बन चुकी है!2023 के महिला आरक्षण बिल को लागू क्यों नहीं कर रही सरकार।जबकि इस बिल से आरक्षण तुरंत प्रभावी हो सकता है! 16 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार ने जो विधेयक संसद में प्रस्तुत किया,वो 131 वां संविधान संशोधन विधेयक था जो कि महिला आरक्षण को मुखौटा बनाकर परिसीमन संशोधन बिल एवं केंद्रशासित प्रदेश कानून संशोधन बिल को भाजपा पास करवाना चाहती थ।
भाजपा द्वारा आयोजित किये जा रहे जनाक्रोश रैली हो रहे फ्लॉप
इस विधेयक में 2011 की जनगणना को आधार बनाकर परिसीमन में लोकसभा की सीटें 850(राज्यों की 815 एवं केन्द्रशासित प्रदेशों की 35 सीटें) करने का प्रस्ताव था!महिला आरक्षण बिल को अगर तत्काल ही लागू करना है तो वर्तमान सदस्य संख्या में 33 प्रतिशत आरक्षण देकर भी कानून लागू कर सकती है सरकार जिसमें कांग्रेस ने पहले ही समर्थन दे दिया है!इसलिए भाजपा द्वारा आयोजित किये जा रहे जनाक्रोश रैली फ्लॉप हो रहे है!
जनगणना के बाद आंकड़ों के आधार पर परिसीमन कर महिला आरक्षण क्यों नहीं दे रही सरकार
डौन्डीलोहारा की विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिला भेंडिया ने केंद्र सरकार एवं भाजपा को कठघरे में लेते हुए कहा कि जब 2026-27 की जनगणना शुरू हो चुकी है और सरकार ने जातिगत जनगणना की बात भी स्वीकार की है तो जनगणना के बाद आये नए आंकड़ों के आधार पर परिसीमन कर महिला आरक्षण क्यों नहीं दे रही सरकार?भाजपा की मंशा महिला आरक्षण की नही बल्कि अपने मनमुताबिक परिसीमन की थी जो विपक्षी दलों की एकजुटता से पूरा नही हो सका!सीटों के परिसीमन का भाजपा का षड्यंत्र विफल हो गया है,अतः महिला आरक्षण के नाम पर भ्रम फैला रही है!आज पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाओं को जो आरक्षण मिल रहा है वो कांग्रेस की नीतियों की वजह से है।प्रेसवार्ता के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी,उपाध्यक्ष रामजी भाई पटेल, महामंत्री भोजराज साहू, सतीश यादव, प्रवक्ता मोंटू चंद्राकर, बालोद शहर कांग्रेस अध्यक्ष अंचल प्रकाश साहू, बालोद ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र सिन्हा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद्मिनी साहू,नेता प्रतिपक्ष कसिमुद्दीन कुरैशी, पार्षद सुमीत शर्मा,रीता सोनी, पूर्व पार्षद चमेली साहू, हसीना बेगम, प्रियंका चोपड़ा, अल्फिया खान, देवेंद्र साहू,शिव जायसवाल,यश परचानी,पुष्कर ठाकुर सहित अन्य शामिल रहे।


